बरेलवी मसलक के सबसे बड़े धर्म गुरु ताजुशरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां के इंतकाल के बाद दुनिया भर में गमगीन माहौल देखा जा रहा है। खासतौर से सऊदी अरब और मिस्र जैसे देशों में भी बुजुर्ग के इंतकाल पर गमगीन माहौल है। सऊदी और मिस्र जैसे देशों से मुरीद बरेली के लिए रवाना हो चुके हैं। रविवार को नमाजे जनाजा का वक्त मुकर्रर किया गया है।
सुन्नी बरेलवी मुलसमानों के सबसे बड़े मजहबी रहनुमा ताजुशरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां उर्फ अजहरी मियां का शुक्रवार को नमाजे मगरिब अपने निवास पर इंतकाल हो गया था। खबर सुनते ही मुरीदों की भीड़ जुट गई। इस्लामिक जगत की नामवार हस्तियों सहित कई सियासी लोगों ने भी शिरकत की है।
फाजिल-ए-बरेलवी इमाम अहमद रजा खां के परपोते ताजुशरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां (76) काफी समय से बीमार थे। पिछले दिनों उन्हें मिशन अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। बीमारी के चलते उनका चलना-फिरना मुश्किल हो गया था। उस दौरान उनके बेटे मौलाना असजद रजा खां के दामाद सलमान हसन खां कादरी उनकी देखभाल में लगे थे। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बताया कि ताजुशरिया के इंतकाल की खबर सुनते ही देश-विदेश से मुरीदों ने बरेली के लिए रवानगी शुरू कर दी। काफी लोग उनके आवास पर जुटने लगे हैं। दरगाह आला हजरत से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि ताजुशरिया के इंतकाल की खबर लगते ही दुनियाभर में गमगीन माहौल छा गया। सऊदी अरब और मिस्र जैसे देशों में उनके मुरीदों को काफी झटका लगा है। विदेशों से तमाम लोग नमाजे जनाजा की नियत बरेली के लिए रवाना हो चुके हैं।
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