दक्षिण भारतीय शैली की चटनीमुख्य भोजन के साथ ली जाने वाली विभिन्न प्रकार की चटनियाँ
चटनी,भारतीय उपमहाद्वीप में खाये जाने वाले प्रमुख व्यंजनों में से एक है। सामान्य बोलचाल में चटनी याखिचड़ी शब्द का प्रयोग वैसी चीजों के लिये किया जाता है जिसमें आनुपातिक मात्रा का कोई विशेष खयाल नहीं रखा जाता।
चटनी मूल रूप सेभारत कासौस है जो मूल रूप से हरीमिर्च औरनमक से बनी होती है और इसके अतिरिक्त इसमें खुली प्रयोग की छूट ली जा सकती है। ज्यादातर चटनियों के बनाने में हरी मिर्च और नमक के अलावा अपने पसंद की किसी भी खास सब्ज़ी को चुना जा सकता है। ज्यादातर सब्ज़ियों की चटनियाँ यूँ तो कच्ची सब्ज़ी को सिल-बट्टे पर पीसकर या ब्लेंडर में ब्लेंड कर के बनायी जा सकती हैं लेकिन किसी किसीफलों की चटनी बनाते समय उन्हें पकाने की जरूरत पड़ सकती है।
चटनी बनाते समय जिन मुख्यमसालों का इस्तेमाल किया जाता है उनमेंनमक,अदरखसौंफ,हींग,जीरा इत्यादि प्रमुख हैं।
अपने मूल स्थान (भारत) तथा पड़ोसी देशों में चटनी को खाने से पहले ताज़ा तैयार किया जाता है जो आसानी से उपलब्ध या मौसमी चीजों से तुरत फुरत तैयार की जाती है।अमरीका औरयूरोप के देशों में चटनी को मुख्य रूप से चटनी को फ्रोजेन रखकर लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाता है।