डेंगी बोख़ार एक्ठु संक्रमण होय जवन डेंगीवायरस कय नाते होत है।[१]संक्रमण कय बाद डेंगीकय लक्षन देखाय मा ३ से ७ दिन लागि सक़त़ है औ इ निक होय मा २ से ७ दिन लागि सक़त़ हय ।[१][२][१] एडिज़ मच्छर से डेंगीकय वायरस फइलत है। डेंगीबोख़ार कय "हड्डीतोड़ बोख़ार" कय नाँव से भी जानि जात है, काहे से डेंगीकय बिमारी मा अइसन पीरा होत है कि लागि हड्डी टूटि गवा है। डेंगीबोख़ार कय कुछ लक्षनन् मा बोखार; मूड़ पिराब; चमड़ा पय चेचक जइसन लाल दाग औ मांसपेशिन् औ गाठिन् कय दर्द सामिल है।[१][२] कुछ लोगन् में, डेंगीबोख़ार एक या दुई अइसन रूप मा होइ सकत है जवन जिन्दगी खर्तिन खतरा होइ सकत हैं। पहिला, डेंगीरक्तस्रावी बोख़ार होय, जवने कय नाते देहि से खून बहब (ब्लिडिङ) औ प्लेटलेट्स कय स्तर कम होइ सकत है। दूसर डेंगीशॉक सिंड्रोम होय, जवने से खतरनाक रूप से कम ब्लड प्रेसर होइ सकत है।डेंगीवायरस ५ मेर कय होत है। यदि कवनो मनई कय ई में से कवनो एक मेर कय वायरस कय संक्रमण होइ जाइ तव आमतौर पय ओकर पूरे जीवन मा उ मेर कय डेंगीवायरस से बचाव मिलि। लेकिन बाकी कय चार मेर से उ कुछ समय तक सुरक्षित रहि। औ अगर फिर बाकि कवनो से अगर ओका संक्रमण होइ तव ओका गंभीर समस्या होएक संभावना ढेर रहत़ है।यकरे ईलाज खर्तिन कवनो दवाई या भैक्सिन नाइ है औ एकरे बेऱमिहऩ कय लक्षन कय अनुसार दवाई होत है । यसे बचेक एक्कै उपाय है मच्छडऩ से बचब़ ।